Posted by: Prem Piyush | February 15, 2005

लौटा दे मेरे दिन


जय राम जी की । जय राम जी की ।
सब मंगल तो है ना। हाँ, उनकी कृपा है।

कैसी हो बहना । अच्छी हूँ भैया ।
कब आई घर से । कल ही आई हूँ ।

ओए… जोनी । अरे….यार… दीपक ।
किधर गया था बे। अबे वहीं गया था।

हाय…… स्वीटी। हैल्लो……मनीष ।
हाउ आर यू । कूल……. यार ।

अपने हुए पराए । बेगाने कितने न्यारे ।
बातें मतलबी हुई । खोई हँसी स्माइली में ।

कयॉ खो गया । ढूँढता पागलों सा मैं।
कम से कम तू ही, लौटा दे मेरे दिन ।

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

Categories

%d bloggers like this: